अमिताभ बच्चन करणार अवयवदान

बॉलीवूडमधील महानायक अमिताभ बच्चन हे गरजवंतांच्या मदतीसाठी सतत तत्पर असतात. आता अमिताभ बच्चन यांनी आणखी एक पाऊल पुढे येत आपले ऑर्गन डोनेट करण्याचा निर्णय घेतला आहे. याबाबत त्यांनी सोशल मीडियावर माहिती दिली आहे.

 

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… the distinction of the wear of the GREEN ribbon .. I AM A PLEDGED ORGAN DONOR ! .. bearing the giving of life to another !!

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अमिताभ बच्चन यांनी “कौन बनेगा करोडपती’ या सुप्रसिद्ध शोच्या सेटवरील आपला एक फोटो शेअर केला आहे. यात त्यांच्या चेहऱ्यावर एक सुंदर अशी हास्याची रेखा दिसते. या फोटोत त्यांनी सूटवर एक हिरव्या रंगाची रिबन देखील घेतलेली दिसते. हा फोटो शेअर करत अमिताभ यांनी लिहिले की, मी अवयवदान करण्याची शपथ घेतली आहे. या पवित्रतेसाठी मी हा हिरव्या रंगाचा रिबन घातला आहे.

अमिताभ बच्चन यांच्या या ट्‌विटला अनेकांनी रिट्‌विट करत उत्तर दिले. तसेच काही जणांनी आपल्या अवयवदान करणार असल्याचे प्रमाणपत्र देखील शेअर केले.

 

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बिन पूछे, एक कनखजूरा, घुस गया भैया कान में , बहु कोसिस की लोगन ने, पर उ पहुँचा दुसरे कान में ; बाहर निकल के, जोर से बोला, सुनो हमारी गाथा , इन साहिब के खोपरी में कुछ दिखी नहीं व्यवस्था । ऐँ ? क्या व्यवस्था मिली ना तुमको, हमें भी तो बताओ , घास फूस से भरा है कमरा, खुदय देख के आओ 🤣🤣🤣🤣🤣

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याशिवाय काही जणांनी ऑर्गन डोनेट करणार असल्याची इच्छा व्यक्‍त केली आहे. दरम्यान, काही दिवसांपूर्वीच अमिताभ बच्चन हे करोना पॉझिटिव्ह आढळले होते. परंतु आता ते पूर्णपणे स्वस्थ आहेत.

 

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👂🏻 👂🏻 👂🏻 👂🏻 👂🏻 👂🏻 *…कान की व्यथा…* मैं हूँ कान… हम दो हैं… जुड़वां भाई… लेकिन हमारी किस्मत ही ऐसी है कि आज तक हमने अपने दूसरे भाई को देखा तक नहीं 😪… पता नहीं.. कौन से श्राप के कारण हमें विपरित दिशा में चिपका कर भेजा गया है 😠… दु:ख सिर्फ इतना ही नहीं है… हमें जिम्मेदारी सिर्फ सुनने की मिली है.. गालियाँ हों या तालियाँ.., अच्छा हो या बुरा.., सब हम ही सुनते हैं… धीरे धीरे हमें *खूंटी* समझा जाने लगा… चश्मे का बोझ डाला गया, फ्रेम की डण्डी को हम पर फँसाया गया… ये दर्द सहा हमने… क्यों भाई..??? *चश्मे का मामला आंखो का है* *तो हमें बीच में घसीटने का* *मतलब क्या है…???* हम बोलते नहीं तो क्या हुआ, सुनते तो हैं ना… हर जगह बोलने वाले ही क्यों आगे रहते है….??? बचपन में पढ़ाई में किसी का दिमाग काम न करे तो *मास्टर जी हमें ही मरोड़ते हैं 😡…* जवान हुए तो आदमी,औरतें सबने सुन्दर सुन्दर लौंग, बालियाँ, झुमके आदि बनवाकर हम पर ही लटकाये…!!! *छेदन हमारा हुआ,* *और तारीफ चेहरे की …!* और तो और… श्रृंगार देखो… आँखों के लिए काजल… मुँह के लिए क्रीमें… होठों के लिए लिपस्टिक… हमने आज तक कुछ माँगा हो तो बताओ… कभी किसी कवि ने, शायर ने कान की कोई तारीफ की हो तो बताओ… इनकी नजर में आँखे, होंठ, गाल, ये ही सब कुछ है… *हम तो जैसे किसी मृत्युभोज की* *बची खुची दो पूड़ियाँ हैं..,* जिसे उठाकर चेहरे के साइड में चिपका दिया बस… और तो और, कई बार *बालों के चक्कर में* *हम पर भी कट लगते हैं* … हमें डिटाॅल लगाकर पुचकार दिया जाता है… बातें बहुत सी हैं, किससे कहें…??? कहते है दर्द बाँटने से मन हल्का हो जाता है… आँख से कहूँ तो वे आँसू टपकाती हैं…नाक से कहूँ तो वो बहाता है… मुँह से कहूँ तो वो हाय हाय करके रोता है… और बताऊँ… *पण्डित जी का जनेऊ,* *टेलर मास्टर की पेंसिल,* *मिस्त्री की बची हुई गुटखे की पुड़िया* सब हम ही सम्भालते हैं… और आजकल ये नया नया *मास्क* का झंझट भी हम ही झेल रहे हैं… कान नहीं जैसे पक्की खूँटियाँ हैं हम… और भी कुछ टाँगना, लटकाना हो तो ले आओ भाई… तैयार हैं हम दोनों भाई…!¡! 🙏🏻🙏🏻 ~ pr pan

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